गौ कृपा अमृतम् तरल खाद क्या है ? यह फसलों के लिए है लाभदायक, जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी जी
डिंडोरी/शहपुरा:- धारा सरस्वति शैक्षणिक एवं समाज उत्थान समिति (डीएसएस मध्यप्रदेश) लगातार पर्यावरण संरक्षण व जैविक खेती करने को लेकर कृषकों प्रोत्साहित व प्रशिक्षण दे रही है इस कार्य को समिति के जैविक कृषि प्रशिक्षक व भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू कर रहे हैं इस कार्य को एक मुहिम के तहत किया जा रहा है जिससे किसानों की आय बढ़े और फसल की कीमत भी अच्छी मिले साथ ही पूरा डिण्डोरी जिला जैविकमय हो जाए ।
इसलिए बिहारी जी गावं-गांव जाकर कृषकों को जैविक खेती करने का प्रशिक्षण निःशुल्क दे रहे हैं, ज्ञात हो कि बिहारी लाल साहू स्वयं अपने खेत में भी जैविक खेती करते हैं और अपना अनुभव किसानों को बताते है और प्रायोगिक जैविक खेती का प्रशिक्षण लेने के लिए किसानों को अमंत्रित भी करते है ।
खरीफ के फसल में धान की जैविक खेती जाने कैसे किए बिहारी जी
खरीफ की फसल में जैविक पद्धति से बीजोपचार कर धान की नर्सरी रखकर 16 दिनों में रोपाई की गई है फिर रोपाई में 1 से 2 पौधे ही लगाए गए थे जिसमें मात्र 70 दिनों में ही धान की फसल 3 से 3.5 फिट की हो चुकी है तथा धान के 1-2 पौधे में से 20 से 21 शाखाएं आ चुकी है इस प्रकार धान की उत्तम फसल देखने को मिल रही है।
गौ कृपा अमृतम् तरल खाद क्या है ? जाने इसके बनाने का तरीका व फायदा यह फसलों के लिए अमृत हैं :-
गौ-कृपा अमृत बैक्टीरिया कल्चर खेती के लिए वरदान मित्र सूक्ष्म जीवाणु है इसके बनाने के लिए सबसे पहले 200 लीटर की साफ ड्रम लेंगे और 1 लीटर गौकृपा अमृत डालेंगे, 2 लीटर देशी गाय की छाछ (मठ्ठा) लेंगे तथा 2 किलो गुड़ को घोलकर डाल देंगे और पूरे 200 लीटर पानी में मिलाएंगे। ड्रम के मुंह को जूट के बोरा या सूती कपड़े से ढक देंगे।
इसके उपरांत 6 दिनों तक सुबह शाम 1 से 2 मिनट दंड डालकर हिलाएंगे यह तरल खाद बनकर तैयार हो जाएगा। जिसमें सूक्ष्म जीवों की मात्रा बढ़ेगी, पोषक तत्त्व मिलेगा फसल की ग्रोथ बढे़गी जिससे फसल की पैदावार अच्छी होगी और बाहरी कीड़ों के आक्रमण से फसलों को सुरक्षित करेगा इस प्रकार यह रासायन मुक्त जैविक तरल खाद की प्रकार से फसलों के लिए लाभदायक हैं ।
इस खाद को 8-8 दिनों के अंतराल में उपयोग कर सकते हैं
इस वर्ष भी बिहारी जी ने विगत वर्ष की भांति जैविक धान की खेती कर रहे है जिससे अधिक उत्पादन होगा, इसलिए सभी कृषक जैविक कृषि को अपनाकर फसल की अधिक पैदावार ले सकते है भूमि को उपजाऊ एवं सुधार बना सकते है जिसके अनेकों फायदें हैं ।
शुद्ध हवा भोजन शुद्ध,और शुद्ध हो जल।
जैविक खेती के बिना, नहीं सुरक्षित कल।।
7 सितम्बर 2022
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