सुंदरता की परी धरा पर
आसमान से उतर कर आए हैं यहां पर,,, हर नज़र के नज़रों की कसक यहां पर,,, नज़रों ने नज़रों से कहा, कुछ तो बात हैं यहां पर,,, पड़ी नजर माथे कि बिंदी पर,चमक थी जैसे हीरे की यहां पर,,, वो घुंघराले बाल दिखे जब सावन जैसे ऋत यहां पर ,,, मृग नयनी आंखो के अंदर स्वेत समुंदर साहस उज्जवल, लाल बिम्ब की किरणों जैसी दिखते ओठ यहां पर,,,, मृग नयनी सावन किरण पर खिलती मंद मुस्कान यहां पर,,,, स्वर्ण हार है स्वेत वदन पर, हर दिन बदलते लिवास यहां पर,,, काला,पीला,हरा,लाल लिवास वदन पर रंगो का इन्द्र धनुष यहां पर,,, आसमान की स्वेत परी धरा पर उर्वरशी,मेनका आए यहां पर,,,, निर्मल स्वेत समुंदर जैसे सुंदर सावन, वन उपवन सुंदरता यहां पर,,, हर नज़र के नज़रों की कसक यहां पर,,, नज़रों ने नज़रों से कहा, कुछ तो बात हैं यहां पर,,,,,, Dedicated for best friend.......!!