दिमागी अस्थिरता बन रही है दुर्घटना का कारण
निर्मल साहू (एड.) :- विकास के इस दौर में जहाँ भारत अपनी कीर्तिमान विश्वपटल में बनाई है , वही दूसरी ओर लोगों की मानशिक अस्थिरता के कारण आए दिन दुर्घटना देखने एवं सुनने को मिल रही है, जिसमें कुछ तो शराब के नशे में होते है तो कुछ अपने काम की चिंता करने के कारण वाहन चलाते वक्त ध्यान नहीं दे पाते है । कुछ Ngo's के रिपोर्ट के अनुसार 78 फीसदी दुर्घटना वाहन चालक की गलती के वजह से एवं 56 फीसदी तीव्र गति के कारण होता है। भारत में सबसे अधिक दुर्घटना हो रही है NCRB के रिपोर्ट के मुतावित 2014 में रोडरेज के 4 लाख 9 हजार मामले दर्ज हुए है । वही WHO ने बताया की 15-29 उम्र के लोगों की असमय मौत हो रही है तथा भारत में प्रतिदिन 400 लोग मात्र दुर्घटना में मर रहे है । जिसके आनेक कारण हो सकते है :- 1) मुख रूप से दिमागी अस्थिरता होना । 2) ड्राईवर की लापरवाही एवं तेज रफ़्तार का होना । 3) हेलमेट का उपयोग न करना । 4) सड़क नियमावली का पालन न करना । 5) गाड़ी की फिटनेस सही न होना । 6) सड़क की सही मरम्मत न होना और सड़क निर्माण में गुड़वत्ता की कमी करना इत्यादि है । बड़ी चिंता का विषय है की आज ...