यह इश्क है दीवानों का ,,,,,,,, सातवा अंक
नायिका को डर लगना तो बंद हो जाता है, दोनों अच्छे से प्यार भरी बातें करने लगते है यह सिलसिला चलता रहता है ,,,,,धीरे धीरे प्यार गहरा होने लगता है । पर अचानक नायिका कहती है, मुझे अच्छा नहीं लगता यह सब बात करना ,,,, और फिर बात करने के लिए नायक को कहती है माफ़ करना मुझे आप मेसेज नहीं करना मैं वैसे भी बहुत परेशान रहती हैं । नायक बहुत समझाने की कोशिश करता है बात तो कीजिए पर नायिका अपने जिद में रहती है पता नहीं अचानक नायिका को क्या हो जाता है ,,, तब नायक भी परेशान रहने लगता है और एक दिन अचानक नायिका के घर के सामने पहुंच जाता है और उसे देखने की कोशिश करता है कुछ समय बाद जब नायिका उसे दिख जाति है तो वह देखकर ही वहा से चला जाता है पर नहीं करता क्युकी नायिका ने फोन करने को मना कर देते है । नायक जिद करता है कि केवल बात तो कर लीजिए यदि आपको इश्क नहीं है तो कोई बात नहीं पर दोस्त की तरह तो बात कर लीजिए । नायक और नायिका के बीच में धीरे धीरे फासले बढ़ते जाते है, नायक कोशिश करता है कि बात हो जाए पर नायिका इसके लिए तैयार नहीं होती है । जिस कारण नायक भी फैसला लेता है कि अब वह भी बात नहीं करेगा ज...