निर्मल कुमार साहू (एड.) डिंडोरी:- शिक्षा में हिंदी माध्यम का महत्त्व कम समझते है लोग क्यों ???
निर्मल कुमार साहू (एड.) डिंडोरी:- शिक्षा में हिंदी माध्यम का महत्त्व कम समझते है लोग क्यों ??? शहरीय या ग्रमीण दोनों ही क्षेत्र के लोग यह समझते है की यदि बच्चा इंग्लिश मीडियम में पढ़ता है तो बुध्दिवान होगा और हिंदी मीडियम में पढ़ता है तो कमजोर होगा लेकिन यह विचार सही नहीं है मीडियम कुछ भी हो सकता है यदि बच्चा सही तरीके से अध्यन करता है तो निश्चित ही वह बुध्दिवान ही होगा और समस्त विषयों में उसकी अच्छी पकड़ होगी । इंग्लिश बोलना मात्र से उसकी बुध्दि का आकलन नहीं किया जा सकता है क्योंकि यह तो केवल भाषा का ज्ञान ही कहा जा सकता है । आज के दौर में सभी अभिभावक की यही मंशिकता है की बच्चा या बच्ची इंग्लिश मीडियम में पढ़ेगें तो कुशाग्र बुध्दि के बनेगें या सरासर गलत है । हाँ मैं इस बात का विरोध नहीं कर रहा हूँ की आप इंग्लिश भाषा को न पढ़े, आप पढ़े ,पढ़ाए ,सीखे और सिखाए पर बुध्दिवान बनेगा इस विचार के साथ अधिक अर्थ खर्च न करें ।