अवैद्य मादक पदार्थ के विक्रय से डिंडोरी जिला के युवा हो रहे नशे के आदी
निर्मल कुमार साहू(एड.):- कहा जाता है कि जिस तरह से व्यक्ति के चारों ओर का वातावरण होता है व्यक्ति भी वैसा ही आचरण धारण कर लेता है, वैसे तो डिंडोरी जिला प्रकृति सुंदरता से ओतप्रोत है यहां हर तरफ हरियाली ही नजर आती है और यहां हर वर्ग, आयु के व्यक्ति निवास करते है लेकिन ज्यादातर युवाओं कि संख्या देखने को मिलती है जिसमें कुछ तो सरकारी सेवक है तो कुछ स्वयं का व्यापार या कृषि कर रहे है ,,,इसी बीच अचानक युवाओं में कुछ परिवर्तन सा देखने को मिलने लगा कुछ समय तो लगा कि हो सकता है अपने कार्य की अधिकता के वजह से यह परिवर्तन अर्थात सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों को भूलने का हो गया है । पर माजरा तो कुछ और है, यह युवाओं में फ़ैल रही अवैध मादक पदार्थ के सेवन के वजह से है जो इन दिनों प्रशासन के दांतों तले यह अवैध मादक पदार्थ के विक्रय का खेल चल रहा है जिसमें तकरीबन 70 प्रतिशत युवा इस नशा के सेवन करने के आदि हो चुके है । यह मादक पदार्थ (ओंरेक्स) जिसमें कोडीन फास्फेट की मात्रा रहती है जिसकी एक बार लत लग जाने के बाद वह व्यक्ति बार बार इस पदार्थ का सेवन करने लगता है ऐसे नशीले पदार्थ का विक्रय शहपुरा, डिंड...