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Showing posts from January 31, 2019

एक अधूरी कहानी........ पांचवा अंक

कहानी अब तक........अम्बर  की शादी फिक्स हो चुकी थी दिसम्बर में शादी होनी बाली थी, कृष्ण खुद को समझाता रहता ठीक है जो भी ही रहा है सब सही है । बस कृष्ण, अम्बर की यह अधूरी कहानी अधूरी ही रह गई । इस बीच कृष्ण का अध्ययन कार्य भी छूट गया था वह अच्छे से अध्ययन भी नहीं कर सका, बस घूमता फिरता रहा और समय को काल्पनिक इश्क में बिता दिया .......! यह इश्क नहीं था यह तो आकर्षण था दो दिलों के बीच जो कुछ ही दिनों में अलग अलग हो गया । ऐसे ही वर्तमान समय में कृष्ण और अम्बर के जैसे हजारों युवा, युवतियां अपने समय की बर्बादी इश्क या आकर्षण में लगा देते है और एक समय आता है कि वे टूट जाते है या आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते है जोकि गलत है । आज के युवाओं में तो अब यह प्रवत्ति बड़े स्तर में देखा जाने लगा है लगभग 16-17 वर्ष से ही यह कहानी सुरु हो जाती है जबकि यही वह समय होता है जब उनको अपना भविष्य बनाने का समय होता है । खैर सब ठीक है ........... परिवर्तित समाज और परिवर्तित समय के बीच संभलना जरूरी है । खुद को समझो .............! पाठकों को नमस्कार ...! यह एक काल्पनिक कहानी है .......! निर्मल कुमार ...

एक अधूरी कहानी..... चौथा अंक

कहानी अब तक......6 माह बाद जब कृष्ण की अम्बर से बात होने लगती है तब वह अम्बर से कहता है कि आप इतने दिनों से बात क्यों नहीं कर रहे थे अचानक गायब कहा हो गए थे, अम्बर कहती है मेरी मोबाइल खराब हो गई थी, इतनी सी बात में कृष्ण संतुष्ट नहीं होता उसे लगता है अम्बर उससे झूठ बोल रही है । वह उससे बोलता है यदि अम्बर आपको मेरे से बात करने में कोई परेशानी हो रही हो तो बता दो मैं फिर कभी भी आपको मैसेज नहीं करूंगा, तो कहती है ऐसी बात नहीं है में बात करना चाहती हूं, फिर पुनः अम्बर और कृष्ण बाते करने लगे दुनियां भर की बाते करने लगे , कृष्ण अम्बर के मेसेज का आने का दिन भर इंतजार करने लगा जैसे ही मैसेज आता वह तपाक से उस मैसेज का जवाब देने लगा जैसे कृष्ण मोबाइल में ही आंखे गड़ाए बैठा रहता हो .....! कुछ दिनों के बाते होने के बाद कृष्ण ने अंततः अपना इश्क का इजहार कर ही दिया , कहता है अम्बर एक बात बोलना चाहता हूं, अम्बर कहती है बेशक बोलिए ......... वह तुरंत कहता है मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं और शादी करना चाहता हूं । अम्बर कहती है मैं नहीं कर सकती मैं आपसे प्यार नहीं करती तो कृष्ण कहता है कोई बात नहीं फ...

एक अधूरी कहानी......तीसरा अंक

कहानी अब तक....... कृष्ण ने जब अम्बर का फोटो मांगा तो कहती है कि इतनी जल्दी है आपको को पहचानने में में नहीं दूंगी फोटो , कृष्ण जिद करने लगता है यार फ़ोटो तो ही मांग रहा हूं यदि आप नहीं देंगे तो कैसे आपको पहचान पाउगा तब जाकर अम्बर ने अपनी एक फोटो भेजी ....... वो भी एक अधूरी सी केवल अपने आंखों कि फोटो ,,,,,कृष्ण के लिए तो यह बड़ी बात थी न , उसे सायाद पहली बार किसी लड़की से इतनी बाते हुई थी और कोई लड़की अपनी अधूरी फ़ोटो भी भेजी वह उसे ही देखने लगा और उसके आंखों से ही बाते करने लगा मानो वह उसे अपने जीवन साथी मान बैठा  हो, कृष्ण कभी कभी उदास सा रहने लगा क्योंकि जब उसकी बात अम्बर से नहीं होती थी तो वह उदास रहने लगा जैसे अम्बर उसके लिए आवश्यक सी हो गई हो .....वह तो सुरु में उससे मित्रता करने के लिए बात  करता था लेकिन अब उसे अम्बर जीने के लिए बात करने लगा ,पता नहीं  कृष्ण को हो क्या गया था । जब उससे बात होती तो वह खुश रहता था जब बात नहीं होती तो उदास । कभी कोई पूछता तो कह देता ऐसे ही कुछ काम है इसलिए कुछ चिंता है पर बताता नहीं था, बस ऐसे ही कृष्ण कभी खुश तो कभी गम में डूबने लगा ...