जन प्रतिनिधियों का चुनावी वादों का सफर चुनाव तक या जनता की सेवा, गणतंत्र दिवस पर डिण्डोरी की जनता की आवाज
डिण्डोरी:- यह सर्वविदित है कि मध्यप्रदेश राज्य का डिण्डोरी व मंडला जिला आदिवासी बाहुल्य जिला है यहाँ की अधिकांश आबादी आदिवासी है, जिनके जीवनयापन का एकमात्र साधन कृषि है और कुछ वनवासी लोग वन उपज पर निर्भर है इनकी आबादी में से कुछ शिक्षित वर्ग शासकीय सेवा में है जिनका जीवन औरों के अपेक्षाकृत अच्छा है । वहीं दूसरी ओर आदिवासी समुदाय के अतिरिक्त आबादी व्यापार-व्यवसाय व कृषि से अपना जीवनयापन करते है इनमें से कुछ शिक्षित वर्ग शासकीय सेवा में सेवारत है जिनकों अपना परिवार व समाज तक ही सीमित मान लिया जाए तो कोई सक नहीं, इनमें कुछ विरले है जिन्हें परिवार,समाज,क्षेत्र व देश की चिंता भी है। विषय यह है कि जिला डिण्डोरी की जनता का सेवा, सहयोग करने का दायित्व किसका ? आदिवासी बाहुल्य जिला होने से यहाँ के किसान, व्यवसायी, शिक्षित वर्ग के पास सीमित संसाधन है किसान के पास अपने जीवन यापन करने तक का साधन है वहीं व्यवसायी अपने व्यवसाय में व्यस्त है तो वही शिक्षित वर्ग शासकीय सेवा में सेवारत है ऐसी स्थिति में जिला डिण्डोरी की जनता का सेवा कौन करेगा ? कौन जाने उनकी पीड़ा? "तब...