मिशन "शुभ-जीवन" के तहत पावन दिन विश्व पर्यावरण दिवस और गुरु गोलवलकर के पुण्यतिथि पर किया गया पौधारोपण, तहसील विधिक सेवा समिति और डीएसएस मध्यप्रदेश व मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र मेंहदवानी के संयुक्त तत्वाधान में पौधारोपण
डिंडोरी - धारा सरस्वती शैक्षणिक एवं समाज उत्थान समिति(डीएसएस एमपी) जलवायु परिवर्तन में पौधे की जरूरत को ध्यान में रखकर प्रदेश के अलग अलग जिलों में समय समय पर पौधारोपण करने का कार्य कर रही है। पौधे लगाने से जहां एक ओर पर्यावरण संतुलन बना रहता है वही दूसरी ओर पौधे लगाकर कर हम,हमारे अप्रत्यक्ष कर्ज को कुछ स्तर पर उतारते है। वर्तमान समय में हम पौधों का अनेक प्रकार से उपयोग करते है जैसे कि प्राणवायु ऑक्सीजन,लकड़ियों से बने सामान,अनोखी अग्नि इत्यादि हम प्रकृति के कर्जदार हो गए। वही दूसरी ओर प्राणघातक कार्बनडाई ऑक्साइड हम सांस लेने से छोड़ते है साथ ही आवागमन और परिवहन के लिए हम बाइक,स्कूटी,कार,बस,ट्रेन, हवाई जहाज इत्यादि साधन का उपयोग करते है,इन सबसे निकलने वाला धुँआ भी हमारे खाते में जाता है,जब उपयोग करेंगे हम तो उसके जिम्मेदार तो हम ही होंगे। वहीं इस ज़हरीली धुँआ से कितने जीवों को घातक बीमारी होती है कितने जीवन नष्ट हो जाते है उसके जिम्मेदार भी हम ही है । प्रकृति का हिसाब-किताब लाजवाब है प्रकृति समय पर सब हिसाब बराबर कर देती है। इस प्रकार हम अनेक प्रकार से प्रकृति के कर्जदार ...