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Showing posts from November 7, 2017

कही डिंडोरी तो धुएँ के धुंध में फँस न जाए दिल्ली की तरह...

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 निर्मल साहू (एड.)  डिंडोरी:- आज कल लोग इतना व्यस्त हो चुके है की प्राकृति का किसी को ध्यान भी नहीं है, सब अपने-अपने कामों में लगे होते है । इसी कारण से लोग अपनी प्राकृति को न तो संरक्षित करते है और न ही पालन-पोषण ही करते है , पर यदि चंद लोग इस काम में लगे होंगे तो जारूर यह कहेगें की कुछ तो स्वार्थ होगी यह काम करने में , मैं , डिंडोरी , शहपुरा की बात कर रहा हूँ की यहाँ ,जहाँ देखो वहा कचरा पड़ा होता है और लोग बड़े चाव से गंदगी करने में लगे हुए है वह दिन दूर नहीं है यदि इसे रोका न गया तो दिल्ली की तरह अपने  जिला की हालत वैसे होगी जैसे अभी दिल्ली की है । पिछले साल की धुंध के बारे में वैज्ञानिकों का अनुमान था कि वह दिवाली के मौके पर दिल्ली की भयंकर आतिशबाजी और पंजाब-हरियाणा में जलाई जाने वाली पराली की देन थी। विचित्र स्थिति यह भी है कि मौसम विज्ञानी अब भी कोई सटीक कारण प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं। इस बारे में जरूर कमोबेश सहमति है कि इसकी वजह प्रदूषण ही है। इनमें वाहन प्रदूषण, कारखाना प्रदूषण, पराली का धुआं, धूल आदि का समुच्चय शामिल है। अनुमान है कि दिल्ली और उसके आसपास यही...

दीनदयाल उपाध्याय ने लिखा था, "अखंड भारत के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा मुस्लिम संप्रदाय की पृथकतावादी एवं अराष्ट्रीय मनोवृत्ति रही है।"

दीनदयाल उपाध्याय मानते थे- “भारतीय मुसलमानों की सोच बदलते ही पाकिस्तान मिलते देर नहीं लगेगी” दीनदयाल उपाध्याय ने लिखा था, "अखंड भारत के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा मुस्लिम संप्रदाय की पृथकतावादी एवं अराष्ट्रीय मनोवृत्ति रही है।" भारतीय जन संघ के अध्यक्ष रहे दीनदयाल उपाध्याय का 25 सितंबर 1916 को मथुरा में जन्म हुआ था। क्या आपको लगता है कि भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश फिर से एक देश बन सकते हैं? सन् 1947 से पहले तक ये तीनों देश एक ही मुल्क के अंग थे। आप ऐसा सोचते हों या न सोचते हैं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक दीनदयाल उपाध्याय ऐसा जरूर सोचते थे। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) गठबंधन के केंद्र में साल 2014 में केंद्र में सत्तासीन होने के बाद से पार्टी ने सबसे ज्यादा जिस बुद्धिजीवी की चर्चा की है वो हैं दीनदयाल उपाध्याय। बीजेपी ने दीनदयाल जन्मशति वर्ष धूमधाम से मनाया। प्रधाननमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर उन्हें अपने भाषणों में उद्धृत करते रहते हैं। दीनदयाल उपाध्याय का 25 सितंबर 1916 को यूपी के मथुरा में जन्म हुआ था। 11 फरवरी 1968 को उनका मुगलराय में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत...