गणेश उत्सव,अनंत ऊर्जा-परम् शक्ति के अनुभव का मज़ेदार मार्ग है❗
डिण्डोरी :- वर्तमान समय में गणेश उत्सव की धूम चारों तरफ है। भगवान गणेश,कण कण में विराजमान हैं,ऐसा हम सभी जानते और मानते हैं। हम ये भी मानते हैं कि परमात्मा एक है,उनके रूप,अनेक है। परमात्मा के एक रूप है भगवान गणेश ।
इतनी बात हम सभी लगातार सुनते आ रहे हैं लेकिन अधिकतर साथियों का अनुभव नहीं है कि भगवान गणेश कण कण में है,अगर अनुभव होता तो हमारे अंदर सभी के प्रति प्रेम होता।
श्री गणेश उत्सव को हम सभी भक्ति भाव से मनाते हैं। आप थोड़ा होश से अपने आप को वॉच करें, आप गणेश पंडाल में जाते हैं तो आपका भाव निर्मल हो जाता है,पवित्र हो जाता है।
परमात्मा और इंसान का संबंध विचारों से नहीं,भाव से होता है, हम परमात्मा को शांत रहकर, पवित्र भाव से पूजा अर्चना करते हैं,बिना भाव के आप भगवान की भक्ति नहीं कर सकते।
गणेश उत्सव में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने से हमारे अंदर पवित्र भाव की अधिकता होती है,हमारे अंदर प्रेम का विकास होता है।
हमारे सही या गलत का फैसला भगवान हमारे भाव से करते हैं।भगवान हमारे अंदर उठ रहे भावों को पढ़ लेते हैं, जान लेते हैं उसी के अनुसार ही हमें उसका फल मिलता है। और भगवान हमारी मदद भी भावों के सम्प्रेषण के द्वारा ही करते हैं।
हमें कोई मुसीबत आई तो भगवान हमारे भाव को स्वतः जानकर,किसी अन्य व्यक्ति को हेल्प के लिए प्रेरित कर देते हैं और हम कहते हैं भगवान हमारी मदद करवा दिया। हमारा कर्म सेकंडरी होता है,भाव प्रथम होता है।
जीवन को जो व्यक्ति अपने अंतर आत्मा की आवाज सुनकर चलाना स्टार्ट कर दिया वह भी एक दिन परमात्मा का रूप बन जाता है।
सभी से सविनय निवेदन गणेश भक्ति पवित्र भाव से करें और पवित्र भाव अपने अंदर बनाये रखे जिससे हमारा जीवन महाजीवन बन सके हम इसी जीवन में मोक्ष को प्राप्त कर सके👏🏻👏🏻।
शहपुरा- 03 सितंबर 2022
गणेश उत्सव सप्ताह
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