त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जिला डिंडोरी में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का दबदबा
डिंडोरी के राजनीति में बड़ी उथल-पुथल देखने को मिल रहा हैं, जहाँ राष्ट्रीय पार्टियों का त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पिछड़ना, कहीं न कहीं आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में बड़ा परिवर्तन होने का संकेत देता हैं।
राष्ट्रीय स्तर में NDA की सरकार एवं मध्यप्रदेश में BJP की सरकार के होने के बाद भी जिला डिंडोरी मे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में BJP के समर्थित अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का चुनाव में विजित न होना बल्कि GGP के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का विजित होना कहीं न कहीं ज़िला डिंडोरी के राजनीति में बड़ा परिवर्तन करने का संकेत
है,जबकि जिला डिंडोरी से BJP के आदिवासी राष्ट्रीय नेता भी हैं इसके बाद भी त्रिस्तरीय चुनाव में अपनी भूमिका अदा न कर पाना अपने आप में बडी हार हैं।
है,जबकि जिला डिंडोरी से BJP के आदिवासी राष्ट्रीय नेता भी हैं इसके बाद भी त्रिस्तरीय चुनाव में अपनी भूमिका अदा न कर पाना अपने आप में बडी हार हैं।
यदि बड़ी पार्टी के कार्यकर्ताओं एवं नेताओं का यहीं रवैया रहा तो आगमी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव में बड़ी पार्टियों को बड़ा झटका भी लग सकता हैं ।
फिर बड़ी पार्टियों के पास आत्म मंथन करने तक का समय नहीं रहेगा, समय रहते नेतृत्व में परिवर्तन किया जाये तो कुछ सुधार हो सकता हैं और आगामी चुनाव में जनता से कुछ आसरा लगाया जा सकता है बरना.....केवल मंथन ही करने का समय बचेगा !
निर्मल कुमार साहू
(अधिवक्ता)
राजनीति शास्त्र (गोल्ड मेडलिस्ट)
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