टूट जाते है दिल के अरमान

अक्सर यह देखने को मिलता है कि जब दो लोग आपस में विश्वास के साथ दिल के संबंध को जोड़ते है तो अच्छा लगता है लेकिन समय के साथ साथ कुछ के पास कुछ ज्यादा ही परेशानियां आने लगती है तो वह अक्सर उस बनाए गए विश्वास को आसानी से तोड़ने में ज्यादा विश्वास करने लगते है या यू  कहै  की उनको कोई और विश्वासपात्र कोई मिल जाता है तो पहले के साथ किए गए वादे को नकारना उनकी आदत सी हो जाती, वे समझ नहीं पाते कि किया गया विश्वास को तोड़ने से दूसरे को क्या तकलीफ होगी ।
पर क्या किया जाए यह दुनिया बड़ी अजीब सी है हर जगह कहीं न कहीं स्वार्थ छिपा रहता है और उस स्वार्थ के चक्कर में दिल के सच्चे संबंधों कि तिलांजलि दे दी जाती है ।
लेकिन समय का चक्र बहुत बलवान है हर किसी के साथ न्याय तो होता है आज नहीं तो कल पर होता जरूर है ।
लोग मदहोश हो जाते है भौतिकता को देखकर और सच्चे इंसान के साथ नफ़रत करने लगते है ।
यही वजह है आज समाज में परिवर्तन का किसको अच्छा समझे किसको नहीं यह चयन करने में भी दिक्कत सी होने लगी है ।
खैर ,,,,,,, यह तो सबको पता है कि अच्छा कर्म का प्रतिफल अच्छा ही होता है और गलत का गलत फिर भी समझने कि कोशिश नहीं करते है यह जानकर भी...!

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निर्मल साहू (एड.)

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