*जैविक अरहर की वैज्ञानिक तकनीकी से रोपड़ एवं अधिक उत्पादन की तकनीक के बारे में जानकारी दे रहे जैविक कृषि प्रशिक्षक बिहारी*

शहपुरा:- इन दिनों समस्त किसान बन्धु खरीप की फसल लगाने,बुवाई करने में लगे हुए है लेकिन इनकी तकनीक पूरानी है, इसी पूरानी तकनीक को बदलने एवं किसानों को नई तकनीक के बारे में जानकारी देने कार्य जैविक कृषि प्रशिक्षक बिहारी साहू दे रहे है ।
ज्ञात हो कि जनजाति कल्याण केन्द्र महाकौशल बरगाव में   कृषि के नए नए तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है और प्रयोग के बाद किसानों को प्रायोगिक कृषि को दिखाकर उनको नए तकनीक के बारे में भरोसा दे दिलाकर तकनीक का प्रयोग करने जी सलाह दी जा रही है ।
इसी क्रम में अभी अरहर की खेती के विषय में जानकारी दी जा रही है , पहले अरहर के बीज को काली प्लास्टिक में केचुआ खाद ऑर मिट्टी के मिश्रण के साथ मिलाकर लगाया गया और फिर जैसे पौधे तैयार हो गए वैसे ही अब खेतो में क्रमबध्य तरीके से लगाया जा रहा है ।
साहू जी कहना है कि इस विधि का उपयोग करने से किलो बीज से लगभग 200 किलो अरहर की उत्पादन होगी ।
इस प्रकार अन्य अन्य फसल की जानकारी देकर जिला डिंडोरी के किसान बंधुओ को निःशुल्क जानकारी प्रदान कर रहे है जो कि सराहनीय कदम है।

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