मध्यप्रदेश सरकार के झोले में फिर होंगी कृषि कर्मठ पुरुष्कार... .…...पर किसान लाचार.....

निर्मल साहू (एड.) :- इन दिनों बड़ी तेजी से व्यापारियों के व्यापार रफ़्तार से चल रहे है, जैसे ही गेहूं की फसल की कटाई हुए बैसे ही सोसाइटी में भीड़ मच गई, सरकार भी किसानों को सब्सिडरी देने को कह दी की अब गेहूं की कीमत ₹ 1725 दी जायेगी साथ में ₹ 275 सब्सिडरी  किसानो के बैंक खाता में आएगी पर कब आएगी इसकी भी पुख्ता जानकारी नहीं है । बही दूसरी ओर व्यापारी किसी अन्य किसान के सोसाइटी खाता में गेहूं बेच रहे है और मुनाफा कमा रहे है ।

किसानों की दुर्दसा तो अभी भी है :-
1) पहली बात किसान क्रेडिक कार्ड की गेहूं बेचने की शीमा कम कर दी गई है जिससे किसान अपने उपज की गेंहू कम दाम में बाजार में  बेचने में मजबूर है ।
2) कुछ किसानों के खातों को व्यापारी साठ गांठ कर उनके खातों में गेहूं बेच रहे है ।
3) ख़रीदे गए गेंहू को रखने की उचित व्यवस्था नहीं है जिससे गेंहू  ख़राब होगा ।
4) गेंहू खरीदते समय गेंहू की तौल 50किलो 800 ग्राम की जाती है और पैसे 50 किलो की दी जा रही है ।
इस प्रकार के चल रही है गेहूं खरीदी जिसमे मात्र किसान को ही तख्लीफ है किसी और को नहीं और अब इस वर्ष भी सरकार  कृषि कर्मठ पुरुष्कार प्राप्त कर गर्भानवित महसूस करेंगी पर किसान को क्या मिला ...?
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