छात्रसंघ एवं नगरीय निकाय चुनाव तय करेगा 2018 का शहपुरा वि.स. चुनाव
*निर्मल साहू(एड.)*
B.A.LL.B, LL.M., M.A.(pol. Science)
शहपुरा :- विगत कुछ माह पूर्व हुए नगरीय निकाय चुनाव शहपुरा में सत्तारूढ़ पार्टी का पराजय यह साबित करता है की यहाँ की जनता कही न कही पूर्व नगरीय सरकार से न खुश थी, या यू कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आंचलिक नेता मात्र अपने हित साधने में लगे हुए है और जनता से किए वादे, और उनकी भावनाओं से खुला खिलवाड़ कर रहे है, जिसकी खामियाजा सम्पूर्ण पार्टी को उठानी पड़ रही है ।
जिसका परिणाम देखने को मिला की नगर परिषद् शहपुरा में विपक्ष ने जीत का ताज पहना ।
वैसे ही छात्रसंघ चुनाव में युवा शक्ति की तैयारी सही न होना और पार्टी से सहयोग का आभाव जिसका परिणाम *हार* जीत का हार ।
यह चुनाव मात्र छात्रसंघ और नगरीय निकाय के दृष्टि से नहीं देखना चाहिए यह तो 2018 के विधानसभा चुनाव की दृष्टि से देखना चाहिए ।
यदि यही हाल रहा तो निश्चित ही इसका मुकाम हार और मात्र हार ही रह जाएगा ।
जनता कार्य देखना चाहती है वो भी सामाजिक न की व्यक्तिगत कार्य या प्रगति, केवल कुछ दिखावा कर भाषणबाजी करना या अखबारों में सुर्ख़िया बटोरना बस काफी नहीं है ।
B.A.LL.B, LL.M., M.A.(pol. Science)
शहपुरा :- विगत कुछ माह पूर्व हुए नगरीय निकाय चुनाव शहपुरा में सत्तारूढ़ पार्टी का पराजय यह साबित करता है की यहाँ की जनता कही न कही पूर्व नगरीय सरकार से न खुश थी, या यू कहे तो अतिशयोक्ति नहीं होगी कि आंचलिक नेता मात्र अपने हित साधने में लगे हुए है और जनता से किए वादे, और उनकी भावनाओं से खुला खिलवाड़ कर रहे है, जिसकी खामियाजा सम्पूर्ण पार्टी को उठानी पड़ रही है ।
जिसका परिणाम देखने को मिला की नगर परिषद् शहपुरा में विपक्ष ने जीत का ताज पहना ।
वैसे ही छात्रसंघ चुनाव में युवा शक्ति की तैयारी सही न होना और पार्टी से सहयोग का आभाव जिसका परिणाम *हार* जीत का हार ।
यह चुनाव मात्र छात्रसंघ और नगरीय निकाय के दृष्टि से नहीं देखना चाहिए यह तो 2018 के विधानसभा चुनाव की दृष्टि से देखना चाहिए ।
यदि यही हाल रहा तो निश्चित ही इसका मुकाम हार और मात्र हार ही रह जाएगा ।
जनता कार्य देखना चाहती है वो भी सामाजिक न की व्यक्तिगत कार्य या प्रगति, केवल कुछ दिखावा कर भाषणबाजी करना या अखबारों में सुर्ख़िया बटोरना बस काफी नहीं है ।
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